Tuesday, January 15, 2013

Proposal Photograph

इस Sunday को सोचा Proposal Photograph खिचवाया  जाए ...
पता किया एक स्टूडियो  है MeriYaade वहा  Appointment  लिया ....
फिर लगा वहा खिचवागा  तो नेचुरल नहीं आएगी , खुद के पास भी कैमरा है, और मेरी एक friend है +aditi sharma उसके पास SLR कैमरा है।
उससे पूंछा तो वो खीचने को तैयार हो गयी, अब फोटो कहा खिची जाए तो हमारे Room के पास एक पार्क है वहा फोटो सेशन किया।
उनमे से कुछ एक फोटो ये है ......








Thursday, December 13, 2012

सही ताले की ग़लत चाबी


अमीर जमींदार के घर में मुल्ला लंबे समय से काम कर रहा था. 11 वर्षों तक निरंतर काम करने के बाद एक दिन मुल्ला जमींदार से बोला – “अब मैं भर पाया. मैं अब यहाँ काम नहीं करूंगा. मैं यहाँ काम करके बोर हो गया. मैं काम छोड़कर जाना चाहता हूँ. वैसे भी आप मुझ पर भरोसा ही नहीं करते!”
जमींदार को झटका लगा. बोला – “भरोसा नहीं करते? क्या कह रहे हो मुल्ला! मैं तुम्हें पिछले 11 वर्षों से अपने छोटे भाई सा सम्मान दे रहा हूँ. और घर की चाबियाँ यहीं टेबल पर तुम्हारे सामने पड़ी रहती हैं और तुम कहते हो कि मैं तुम पर भरोसा नहीं करता!”
“भरोसे की बात तो छोड़ ही दो,” मुल्ला ने आगे कहा – “इनमें से कोई भी चाबी तिजोरी में नहीं लगती.”

किसकी समस्या ?


एक व्यक्ति को यह आशंका हुयी कि उसकी पत्नी कुछ ऊँचा सुनने लगी है। उसे लगा कि उसकी पत्नी को सुनने की मशीन लगवाने की आवश्यकता है। वह असमंजस में पड़ गया कि पत्नी को इस संबंध में कैसे बताया जाए। अतः उसने अपने पारिवारिक डॉक्टर से संपर्क किया।
डॉक्टर ने उसे पत्नी की बहरापन जांचने के लिए आसान घरेलू उपाय बताया - "तुम 40 फुट दूर से खड़े होकर अपनी पत्नी से उस तरह बात करो जैसे उसके नजदीक ही खड़े हो, और देखों कि वह तुम्हें सुन पा रही है या नहीं। यदि नहीं तो 30 फुट की दूरी से बात करो, फिर 20 फुट और इसी तरह पास आते जाओ जब तक कि तुम्हें जबाव न मिले।"
उसी शाम उसकी पत्नी किचन मे खाना पका रही थी और वह दूसरे कमरे में था। वह अपने आप से बोला - "मैं लगभग 40 फुट दूर हूं। देखते हैं क्या होता है?" फिर उसने सामान्य स्वर में अपनी पत्नी से पूछा - "अजी सुनती हो! आज क्या बना रही हो?" कोई उत्तर नहीं मिला! तब पतिदेव किचन की ओर बढ़े। किचन से लगभग 30 फुट की दूरी से उसने फिर पूछा -"अजी सुनती हो! आज क्या बना रही हो?" अभी भी कोई उत्तर नहीं मिला।
फिर वह और नजदीक स्थित डाइनिंग रूम तक पहुंच कर बोला - "अजी आज क्या बना रही हो?" फिर कोई उत्तर नहीं मिला। फिर वह किचन के दरवाजे तक यानि पत्नी से 10 फुट की दूरी तक पहुंच कर बोला - "अजी आज क्या बना रही हो?" तब भी कोई उत्तर नहीं मिला। तब वह पत्नी के ठीक पीछे जाकर चिल्लाया - "आज क्या बना रही हो????"
पत्नी ने उत्तर दिया - "जयेश, मैं पांचवी बार बता रही हूं कि मैं खिचड़ी बना रही हूं।"

सुखी वैवाहिक जीवन का रहस्य


एक दंपति का वैवाहिक जीवन 60 वर्ष से अधिक हो चुका था। उन्होंने एक - दूसरे से कभी कोई बात नहीं छुपायी। वे सभी मसलों पर आपस में बात किया करते थे। उनके बीच में कभी कोई रहस्य नहीं था, सिवाय एक जूते के डिब्बे के, जो उस वृद्ध महिला की अल्मारी में ऊपर की ओर रखा रहता था। महिला ने अपने पति को यह कह रखा था कि वह कभी भी उस डिब्बे को खोलकर न देखे।
पति ने भी इतने वर्ष उस डिब्बे की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। एक दिन वह बुजुर्ग महिला बहुत बीमार पड़ गयी। डॉक्टरों ने बताया कि उसके बचने की उम्मीद बहुत कम है। एक - दूसरे के मध्य सभी शेष विषयों की जानकारी लेने के उद्देश्य से पति उस जूते के डिब्बे बिस्तर पर पड़ी महिला के पास लेकर पहुंचा।
महिला ने भी माना कि जूते के डिब्बे के रहस्य से पर्दा उठाने का यही सही वक्त है। जब पति ने उस डिब्बे को खोला तो उसमें कढ़ाईकारी की हुयीं दो गुड़ियां और $ 95000/- मिले।
पति ने इसके बारे में जानना चाहा। महिला ने उत्तर दिया - "जब हमारी शादी हुयी थी तो मेरी दादी ने मुझे सुखी वैवाहिक जीवन के रहस्य के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि मैं कभी भी तुमसे बहस न करूं। यदि मुझे कभी तुम्हारे ऊपर गुस्सा आये तो मैं चुप रहूं और अपना ध्यान गुड़िया को सजाने के लिए की जाने वाली कढ़ाईकारी पर लगा दूं।"
उस वृद्ध पुरुष की आँखों में खुशी के आंसू छलक आये। डिब्बे में सिर्फ दो गुड़िया थीं। पति यह सोचकर भी खुश था कि इतने वर्षों के लंबे वैवाहिक जीवन में उसने सिर्फ दो बार ही अपनी पत्नी का दिल दुखाया था।
"लेकिन प्रिये! यह तो हुयी गुड़िया की बात। फिर इतने सारे पैसों का क्या रहस्य है? ये कहाँ से आये?"
पत्नी ने उत्तर दिया - "ओह! ये पैसा मैंने उन गुड़ियों को बेचकर कमाया है।"

Friday, August 31, 2012

मुकेश,रफ़ी और किशोर के अलावा

एक दौर था जब bollywod में तीन खान नहीं थे, पर तीन इसे शक्स थे जिनके बिना किसी भी हिट फिल्म की कल्पना नहीं की जा सकती थी ...
मुकेश, रफ़ी और किशोर ...
पर उस समय कई ऐसे लोग भी हुए है जिन्होंने अपनी बेहतरीन आवाज़ से फ़िल्मी दुनिया को रोशन किया है।
कुछ एक जो मुझे ध्यान है हेमंत कुमार,महेंद्र कपूर ,शमशाद बेगम,तलत महबूब और भी बहुत है।
आज  जिसके गाने पेश है वो है महेंद्र कपूर इनके अधिकतर गाने आपको मनोज कुमार की movies के कारण याद होगे। पूरब और पश्चिम ....हा हा इस मूवी के गाने से एक याद जुडी हुवी है, वो किसी और दिन आज कुछ और गाने महेंद्र कपूर की आवाज में







और एक बात R.D. barman के पिताजी S.D. Barman एक अच्छे कोम्पोसर के साथ साथ एक अच्छे गायक भी थे , किसी दिन उनकी बात की जायेगी।

अब जाते जाते एक गाना रफ़ी की आवाज में भी, एवेही



  

Monday, August 27, 2012

कुछ पसंदीदा गीत

कुछ पसंदीदा गीत आपके नज़र पेश है।

1. आजा पिया तोहे प्यार दू ....



 2. बाहों में चले आओ , हमसे सनम क्या पर्दा ...


 3. सजना है मुझे सजना के लिए ....


 4. लग जा गले की फिर ये हसीन रात हो ना हो...



5. तुम पुकार लो...

Saturday, August 25, 2012

मौत से पहले, और मौत के बाद

अभी एक मूवी देख रहा था, ॐ शांति ॐ ...
अच्छी मसाला मूवी है, फुल टाइम पास ।
उसमे एक सीन है जब दीपिका जल के मर रही होती है, ठीक उसी टाइम शाहरुख़ भी मर रहा होता है, उसे कोई प्रोदुसर बचाने की कोशिश करता है, और हॉस्पिटल के बेड  पे मरते हुए उसे अपनी जिन्दगी के सबसे हसीन लम्हे  याद आते है।
असल में क्या होता होगा जब कोई मरता है तो ??
मै नास्तिक हूँ, तो  ये तो  नहीं मानता की कोई सातवे आसमान से आता है और आपसे आपकी जिन्दगी के पाप- पुण्य के हिसाब किताब मांगता है, पर ये जरूर लगता है की उस टाइम आपको  अपनी लाइफ के सबसे हसीन लम्हे याद आते होगे, कितने होते है ??
इतने ही की 5-7 मिनट में पुरे rewind कर सके, सोच के देखिये आपकी लाइफ में कितने इसे लहमे है जो आपको लगता है की आपकी मौत के दौरान आपको याद आयेगे ???
मौत का अहसास हुआ है कभी ?? ये ऐसी चीज है जो होनी है और पूरी जिन्दगी हम इसी के होने के इंतज़ार में गुज़ार देते है।
याद कीजिये यदि आप 20-30 साल के है तो sure एक ना एक बार ये अहसाह जरुर हुआ होगा, मै 27 साल का हूँ  और मुझे ये अहसाह 2 बार हुआ है, एक बार जब हमारे यहाँ engineering collage खुला  था और हम उसकी सेरेमनी  से लौट रहे थे, मई स्कूटर  के पीछे बैठा हुआ था, वो एक highway था और स्कूटर स्लिप हो गया, ये इतनी बड़ी बात नहीं है पर पीछे से एक बस आ रही थी और वो बस मुझसे कुछ पहले ही रुक गयी, उस टाइम मई 15-16 साल का था। इसलिए याद नहीं उस टाइम मुझे क्या अहसाह हुआ था।

दूसरा वाकया अभी एक साल पहले ही हुआ है, मुझे cyst हुआ था और मै ऑपरेशन थेरेअते की टेबल पे था, मई पुरे होश में था, और डर इतना लग  रहा था की जेसे अभी जान निकली जाती है , मुझे अछे से याद है डोक्टर के आने से पहले मुझे इतना ही डर लग रहा था, पर जेसे ही lights ओंन  हुई, मुझे अपनी जिन्दगी के वो लम्हे याद आने लगे जो शायद मुझे मेरी मौत पर याद आयेगे... और वो इतने थोड़े है, की यकीं नहीं होता की इतनी लम्बी जिन्दगी में बस मेने इतना सा ही कमाया है...
अब सोचने की बात है की अभी हमारी लाइफ तकरीबन 50-60 साल कि होती है, तो इतनी लाइफ में मेने कितना जीया ???
बस 10-15 मिनट ?? या 3-4 घंटे या  ज्यादा  से ज्यादा 1 दिन....
अब आगे की जिन्दगी उसी टाइम को ज्यादा  से ज्यादा बढ़ाने में गुजरना चाहता हु.....
देखते है अपनी कोशिश में कहा तक सफल होते है, बाकी तो उसी दिन पता चलेगा जिस दिन ये जंहा छोरके जायेगे।